दशहरा अच्छाई (राम) की बुराई (रावण) पर जीत ये तो हम सभी जानते हैं लेकिन माँ दुर्गा और महिषासुर की कथा भी विजयादशमी यानी (दशहरा)के रूप में मनायी जाती हैं! आइए हम जानते हैं?
दशहरा क्यों मनाया जाता है?
दशहरा, जिसे विजयदशमी भी कहा जाता है, एक प्रमुख हिन्दू पर्व है जो हर वर्ष अश्विन मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को मनाया जाता है। इसे बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक के रूप में मनाया जाता है।
भगवान राम ने रावण का वध इसी दिन किया था।
रावण ने माता सीता का हरण किया था, और राम ने लंका जाकर उसे पराजित किया।
इस दिन को अच्छाई (राम) की बुराई (रावण) पर जीत के रूप में मनाया जाता है।
यह तो हम सभी जानते हैं कि भगवान राम ने रावण का वध किया पर इसके पीछे की इक ओर पौराणिक कथा हैं:
माँ दुर्गा और महिषासुर की कथा (पूर्व और उत्तर-पूर्व भारत में प्रचलित)
माँ दुर्गा ने 9 दिन तक युद्ध कर महिषासुर नामक असुर का वध किया।
दसवें दिन देवी को विजय प्राप्त हुई — इसीलिए यह दिन विजयादशमी कहलाता है।
👉 यह शक्ति और नारी की वीरता का उत्सव भी है।
अन्य मान्यताएँ और परंपराएँ:
इस दिन लोग शस्त्र पूजन, वाहन पूजन, और विजय तिलक करते हैं।
नए कार्यों की शुरुआत शुभ मानी जाती है।
कई स्थानों पर रामलीला का मंचन होता है और रावण के पुतले जलाए जाते हैं।
निष्कर्ष:
दशहरा सिर्फ एक त्योहार नहीं, बल्कि यह हमें सिखाता है कि
"अंत में सत्य और धर्म की ही जीत होती है।"
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