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"जानिए दीपावली कब है? लक्ष्मीपूजा, मुहूर्त, मंत्र, विधि, किनका दर्शन शुभ माना गया है। और किन-किन भगवान की करें पूजा:"

Mani

Wed , Oct 15 2025

Mani

दीपावली कब मनाई जाएगी:

दीपावली 20 अक्टूबर, 2025 को मनाई जाएगी। दीपावली के दिन लक्ष्मी‑गणेश पूजा के लिए शुभ मुहूर्त निम्नलिखित बताए गए हैं:

लक्ष्मी‑गणेश पूजा का शुभ मुहूर्त:

▪️शाम 07:08 बजे से 08:18 बजे तक 

▪️प्रदोष काल: शाम 05:46 बजे से 08:18 बजे तक 

▪️निशीथ काल (रात्रि मध्य): 11:41 बजे से 12:31 बजे

दीपावली के दिन लक्ष्मी पूजा कैसे करे जिससे आपके पास साल भर पैसे की बरसात हो:

दीपावली के दिन लक्ष्मी पूजन का विशेष महत्व होता है। इस दिन माँ लक्ष्मी, भगवान गणेश और कुबेर जी की पूजा करके धन, समृद्धि और सुख-शांति की कामना की जाती है। 

◾ लक्ष्मी पूजन विधि:

 पूजन का समय (मुहूर्त)

प्रदोष काल (शाम को सूर्यास्त के बाद 1-2 घंटे) को लक्ष्मी पूजन के लिए सबसे उत्तम माना जाता है।स्थिर लग्न (विशेषकर वृषभ लग्न) में पूजा करने से स्थायी लक्ष्मी की प्राप्ति होती है।

🪔 1. पूजन की तैयारी

सामग्री:

▪️साफ कपड़े, पूजा की चौकी, लाल कपड़ा

▪️मूर्ति या चित्र: लक्ष्मी माता, भगवान गणेश, कुबेर

▪️तेल के दीये (घी के भी हो सकते हैं), बाती, धूप, अगरबत्ती

▪️अक्षत (चावल), कुमकुम, हल्दी

▪️फूल, माला, मिठाई, फल, पंचामृत (दूध, दही, घी, शहद, शक्कर)

▪️कलश, पानी, सुपारी, लौंग, इलायची

▪️लक्ष्मी जी के चरणों का चिह्न (आटे या रंगोली से बनाएं)

🪷 2. पूजन स्थल की व्यवस्था:

▪️घर को साफ-सुथरा रखें और मुख्य द्वार पर तोरण और रंगोली बनाएं।पूजा स्थल पर एक चौकी पर लाल कपड़ा बिछाकर माँ लक्ष्मी और गणेश जी को स्थापित करें।

▪️कलश स्थापित करें: एक तांबे/पीतल के लोटे में जल भरकर उसके ऊपर नारियल और आम के पत्ते रखें।

▪️माँ लक्ष्मी के चरणों को घर में प्रवेश करते हुए बनाएं (उत्तर या पूर्व दिशा की ओर मुख रखें)।

🙏 3. पूजा विधि

▪️दीप प्रज्वलन करें।

▪️भगवान गणेश का पूजन करें:

"ॐ गं गणपतये नमः" का जप करें।

उन्हें फूल, अक्षत, हल्दी, कुमकुम, मिठाई अर्पित करें।

3. माँ लक्ष्मी का पूजन करें:

"ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः" मंत्र का जप करें।

▪️माँ को जल, फूल, हल्दी, चंदन, कुमकुम, अक्षत, माला, मिठाई, फल अर्पित करें।

▪️पंचामृत स्नान कराएं (मूर्ति हो तो) और वस्त्र अर्पण करें।

▪️सिंदूर व चूड़ी आदि अर्पित करें (स्त्री स्वरूप पूजा के रूप में)

4. कुबेर देव की पूजा करें:

धन के रक्षक माने जाते हैं।

"ॐ कुबेराय नमः" मंत्र से पूजा करें।

5. धन (रुपए-पैसे, तिजोरी, खाता-बही) की पूजा करें:

खाता-बही पर स्वस्तिक बनाएं और माँ लक्ष्मी से उसमें बरकत की प्रार्थना करें।

 4. आरती और प्रार्थना

लक्ष्मी माता की आरती, गणेश जी की आरती और यदि हो सके तो कुबेर जी की आरती करें।कपूर जलाकर आरती करें और परिवारजनों को आरती दें।

 5. प्रसाद वितरण और दीप दान

पूजा के बाद प्रसाद सभी को बांटें।

घर के हर कमरे, रसोई, बाथरूम, बालकनी आदि में एक-एक दीपक अवश्य जलाएं।बाहर दरवाजे पर दीपक रखें जिससे माँ लक्ष्मी का स्वागत हो।

✨ आवश्यक बातें ध्यान में रखें:

पूरे दिन शुद्धता बनाए रखें और घर साफ रखें।लक्ष्मी पूजन के दिन कोई झगड़ा न करें, गंदे शब्द न बोलेंपूजा के बाद दीपावली की मिठाई और पटाखों का आनंद लें लेकिन संयम से।

श्री लक्ष्मी जी की आरती:

ॐ जय लक्ष्मी माता,
मैया जय लक्ष्मी माता।
तुमको निशदिन सेवत,
हर विष्णु विधाता॥
ॐ जय लक्ष्मी माता॥

उमा, राम, ब्रह्माणी,
तुम ही जग-माता।
सूर्य-चन्द्रमा ध्यावत,
नारद ऋषि गाता॥
ॐ जय लक्ष्मी माता॥

दुर्गा रूप निरंजनि,
सुख सम्पत्ति दाता।
जो कोई तुमको ध्याता,
ऋद्धि-सिद्धि पाता॥
ॐ जय लक्ष्मी माता॥

तुम पाताल निवासिनि,
तुर्कन को माता।
रत्न चतुर्दश तुम बिन,
कोई नहीं पाता॥
ॐ जय लक्ष्मी माता॥

महालक्ष्मी जी की आरती,
जो कोई नर गाता।
उर आनन्द समाता,
पाप उतर जाता 
ॐ जय लक्ष्मी माता॥
 महालक्ष्मी नमस्तुभ्यं नमस्तुभ्यं सुरेश्वरी हरि प्रिय नमस्तुभ्यं

इस मंत्र के साथ पूजा विधि संपन्न करे

दीपावली के दिन उल्लू ,बिल्ली, छिपकली, गर्भवती महिला, गाय का दर्शन बहुत ही शुभ माना गया है।

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