जयपुर: बांसवाड़ा फर्जी डिग्री से हासिल की सरकारी नौकरी, दो पीटीआई गिरफ्तार, ऐसे खुल गई पोल
जयपुर: बांसवाड़ा फर्जी डिग्री से हासिल की सरकारी नौकरी, दो पीटीआई गिरफ्तार, ऐसे खुल गई पोल
11 जुलाई शुक्रवार 2025-26
जयपुर: बांसवाड़ा। राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड जयपुर द्वारा 2018 में आयोजित शारीरिक प्रशिक्षण अनुदेशक पद पर भर्ती परीक्षा में फर्जीवाड़ा सामने आया है। जिले के कुछ युवाओं ने छत्तीसगढ़ के नामी विश्वविद्यालय की फर्जी बीपीएड डिग्री लगाकर इम्तिहान दिया और पास होने के बाद सरकारी स्कूलों में पीटीआई की नौकरी हासिल की।
ऐसे दो केस में डीएसपी स्तर की जांच में जालसाजी के सबूत सामने आने पर गढ़ी थाना पुलिस ने दो आरोपी युवाओं को गिरफ्तार किया है। ये जिले के छोटी सरवन क्षेत्र में राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, नापला और सज्जनगढ़ क्षेत्र के राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय गराडिय़ा में सेवाएं दे रहे थे।
तस्दीक में विश्वविद्यालय ने जारी करने से किया इनकार:
डीएसपी एससी-एसटी सेल बांसवाड़ा श्यामसिंह ने बुधवार को गढ़ी थाने रिपोर्ट दी थी। इसमें बताया कि पीटीआई भर्ती परीक्षा के लिए संदिग्ध दस्तावेज पेश कर प्रवेश के बाद पीटीआई की नौकरी हासिल करने के कुछ संदिग्ध मामले सामने आए। इस पर गोपनीय जांच से पता चला कि परतापुर निवासी मनीष कुमार पुत्र हरिराम वसीटा ने 2018 की परीक्षा में शामिल होने के लिए किए आवेदन के साथ पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय, रायपुर से वर्ष 2012 की शारीरिक शिक्षक की फर्जी डिग्री पेश की। फिर परीक्षा पास होने के के बाद वह नापला के सरकारी स्कूल में नियुक्त और वहीं कार्यरत है। इसके अलावा गढ़ी क्षेत्र के बोदिया निवासी कमलेश पाटीदार पुत्र रमणलाल पाटीदार द्वारा भी इस इम्तिहान में पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय रायपुर से वर्ष 2013 की बताकर फर्जी डिग्री पेश की और पास होकर गराडिय़ा स्कूल में नियुक्त पाई। तब दोनों की डिग्रियों का छत्तीसगढ़ के उक्त विश्वविद्यालय से सत्यापन करवाया गया। इनकी की अंक सूचियां व उपाधि प्रमाण पत्रों की छाया प्रतियों का विश्वविद्यालय ने अपने अभिलेखों से मिलान कर स्पष्ट किया कि पेश किए कागजात उससे जारी ही नहीं हुए हैं।
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