Mon , Jul 21 2025
🌳 वन – पारिस्थितिकी संतुलन का आधार (Forests – Foundation of Ecological Balance)
वन हमारे जलवायु, जल चक्र, जैव विविधता के लिए आवश्यक हैं
भारत के कुल भौगोलिक क्षेत्र का ~21.71% भाग वन से आच्छादित (FSI Report)
1️⃣ उष्णकटिबंधीय सदाबहार वन (Tropical Evergreen Forests)
क्षेत्र: वर्षा > 200cm – पश्चिमी घाट, अंडमान, पूर्वोत्तर
विशेषता: घने, बहुपरतीय, सदाबहार वृक्ष
लकड़ी: शीशम, आबनूस, महोगनी
क्षेत्र: वर्षा 100–200cm – मध्य भारत, यूपी, झारखंड
दो भाग:
आर्द्र पर्णपाती (Moist Deciduous)
शुष्क पर्णपाती (Dry Deciduous)
लकड़ी: साल, सागौन, आम
क्षेत्र: राजस्थान, गुजरात, हरियाणा (कम वर्षा वाले क्षेत्र)
पेड़: बबूल, खेजड़ी
क्षेत्र: हिमालय क्षेत्र
ऊँचाई अनुसार विविधता
वृक्ष: देवदार, चीड़, बाँस
विशेष वृक्ष: सुंदरी (Sundari Tree)
वन अधिनियम, 1980 (Forest Conservation Act)
वन महोत्सव (Van Mahotsav) – हर वर्ष जुलाई में
सामुदायिक वन प्रबंधन (Joint Forest Management)
CAMPA योजना – क्षतिपूरक वनीकरण हेतु
1️⃣ मध्य प्रदेश – सबसे अधिक वन क्षेत्र
2️⃣ अरुणाचल प्रदेश
3️⃣ छत्तीसगढ़
4️⃣ ओडिशा
5️⃣ महाराष्ट्र
सुंदरबन – विश्व का सबसे बड़ा मैंग्रोव वन क्षेत्र
वन्यजीव संरक्षण अधिनियम – 1972 लागू
UNEP – "वन, पृथ्वी के फेफड़े हैं"
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