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Dussehra 2023 दशहरा: अच्छाई की बुराई पर विजय | Dussehra 2023: इन दस कारणों से मनाया जाता है दशहरे का पर्व, जानिए इतिहास और महत्व

Ajay Patel

Wed , Oct 18 2023

Ajay Patel

Dussehra 2023: जानिए दशहरा पर शस्त्र पूजा, रावण दहन का शुभ मुहूर्त और हवन पूजा विधि

प्रदोष काल में रावण दहन करना शुभ माना जाता है। ऐसे में 24 अक्तूबर को शाम 05 बजकर 43 मिनट के बाद रावण दहन किया जा सकता है। वहीं रावण दहन का सबसे उत्तम समय शाम 07 बजकर 19 मिनट से रात 08 बजकर 54 मिनट के बीच का रहेगा

दशहरा, जिसे विजयदशमी भी कहा जाता है, यह एक महत्वपूर्ण हिन्दू त्योहार है जो भारत और दुनिया के अन्य क्षेत्रों में मनाया जाता है।

इस त्योहार का प्रमुख विषय अच्छाई की बुराई पर विजय है।


विजयादशमी पूजा का महत्व
दशहरे की पूजा दोपहर के समय करना उत्तम रहता है। वैदिक शास्त्र के अनुसार विजयादशमी पर मां दुर्गा के साथ देवी अपराजिता की पूजा करने का विधान होता है। विजयादशमी के दिन शस्त्र पूजा, दुर्गा पूजा, भगवान राम की पूजा और शमी पूजा का काफी महत्व होता है। दशहरे की पूजा विजय मुहूर्त में की जाती है। 



विजयादशमी तिथि 2023
दशमी तिथि प्रारंभ- दशमी तिथि 23 अक्तूबर को शाम बजकर 44 मिनट से शुरू 
दशमी तिथि समाप्त- 24 अक्तूबर 2023 को दोपहर 03 बजकर 14 मिनट तक

विजयादशमी शस्त्र पूजा और रावण दहन का शुभ मुहूर्त 2023

अभिजित मुहूर्त- सुबह 11 बजकर 43 मिनट से दोपहर 12 बजकर 28 मिनट तक

पहला विजयी मुहूर्त- दोपहर 01 बजकर 58 मिनट से 02 बजकर 43 मिनट तक
दूसरा विजयी मुहूर्त- इस विजय मुहूर्त की अवधि शाम के समय होती जब आसमान में तारे दिखाई देते हैं।

अपराह्र पूजा का समय- दोपहर 01 बजकर 13 मिनट से 03 बजकर 28 मिनट तक
गोधूलि पूजा मुहूर्त- शाम 05 बजकर 43 मिनट से 06 बजकर 09 मिनट तक

रावण दहन का मुहूर्त 
वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार सूर्यास्त के बाद प्रदोष काल में रावण दहन करना शुभ माना जाता है। ऐसे में 24 अक्तूबर को शाम 05 बजकर 43 मिनट के बाद रावण दहन किया जा सकता है। वहीं रावण दहन का सबसे उत्तम समय शाम 07 बजकर 19 मिनट से रात 08 बजकर 54 मिनट के बीच का रहेगा। 

दशहरा पूजा विधि
दशहरे की पूजा दोपहर के समय करना उत्तम रहता है। इस दिन बही-खाते की पूजा करना बहुत शुभ माना गया है। इस दिन गाय के गोबर से षट्कोणीय आकृति बनाकर  9 गोले व 2 कटोरियां बनाई जाती हैं। इन कटोरियों में से एक में चांदी का सिक्का और दूसरी में रोली, चावल, जौ व फल रख दें। इसके बाद रोली,चावल,पुष्प एवं जौ के ज्वारे से भगवान राम का स्मरण करते हुए पूजा करें। पूजा के बाद बहन अपने भाइयों के दाएं कान में जौ लगाकर भगवान से अपने भाई के अच्छे जीवन के लिए प्रार्थना करती हैं। इस दिन शमी वृक्ष का पूजन कर शाम को उसके नीचे दीपक लगाएं। इसके बाद यथाशक्ति अनुसार दान-दक्षिणा दें।  


  1. राम लीला: दशहरा के पूर्व, भारत के कई स्थलों पर "राम लीला" कहे जाने वाले रंगमंच प्रदर्शन होते हैं, जिनमें भगवान राम के जीवन और घटनाओं का चित्रण होता है। इन प्रदर्शनों का महत्वपूर्ण हिस्सा दशहरा के दिन राम की रावण पर विजय की पुनराचरण होता है।



  2. दुर्गा पूजा: भारत के पूर्वी भागों में, दशहरा को महिषासुर दानव पर देवी दुर्गा की विजय के रूप में मनाया जाता है। 


  3. रीति और परंपराएं: लोग मंदिर जाकर पूजा करने, प्रेमियों के साथ उपहार आपस में आदान-प्रदान करने, और परिवार और दोस्तों के साथ उत्सवी भोजन साझा करके दशहरा मनाते हैं।


  4. दशहरा प्रदर्शन: कई क्षेत्रों में, देवताओं की खूबसुरत मूर्तियों, पारंपरिक संगीत और नृत्य के साथ शानदार प्रदर्शन आयोजित होते हैं। विभिन्न समुदायों के लोग इन आयोजनों का समर्थन करने और भाग लेने के लिए एक साथ आते हैं।


    पुतला दहन: दशहरे का सबसे आकर्षक पहलू रावण के पुतले का दहन है, जो बुरी शक्तियों के विनाश का प्रतीक है। इसके साथ आतिशबाजी और बहुत उत्साह होता है।


    सांस्कृतिक विविधता: दशहरा भारत के विभिन्न हिस्सों में विविधता के साथ मनाया जाता है। कुछ क्षेत्रों में, यह फसल के मौसम के अंत और रोशनी के त्योहार दिवाली की तैयारियों की शुरुआत का भी प्रतीक है।



    शैक्षणिक महत्व: दशहरा न केवल एक धार्मिक त्योहार है बल्कि इसका शैक्षणिक महत्व भी है। यह लोगों को सत्य, धार्मिकता और बुराई पर अच्छे आचरण की जीत की याद दिलाता है।


    समसामयिक प्रासंगिकता: आधुनिक समय में, दशहरा का बुराई पर विजय का संदेश सामाजिक मुद्दों, व्यक्तिगत विकास और अन्याय के खिलाफ लड़ाई सहित जीवन के विभिन्न पहलुओं पर लागू किया जा सकता है।


    दशहरा एक त्यौहार है जो अच्छाई और बुराई के बीच शाश्वत लड़ाई का जश्न मनाता है, और यह भारत और दुनिया भर में भारतीय प्रवासियों के बीच खुशी, प्रतिबिंब और सांस्कृतिक आदान-प्रदान का समय बना हुआ है।


    दशहरा या विजयादशमी के इस पावन अवसर पर, मैं आपके लिए कुछ हिंदी में शुभकामनाएं लेकर आया हूं।

    1. “आपके जीवन में सुख, समृद्धि, सम्पन्नता, स्वस्थता, समृद्धि, खुशी, उल्लास, शांति, प्रेम, सम्मान, और सफलता हो। हैप्पी दशहरा 2023!”

    2. “रावण के पुतले को जलाने के साथ-साथ, हमें अपनी बुराई को भी जला देना चाहिए। हमेशा सत्य का पालन करें। हैप्पी दशहरा 2023!”

    3. “महिलाओं के सम्मान में, महिलाओं के सशक्तिकरण में, महिलाओं के समर्थन में - हमेशा महिलाओं के साथ हों। हैप्पी दशहरा 2023!”

    4. “सत्य की विजय होती है, बुराई की हार होती है। हमेशा सत्य का पालन करें। हैप्पी दशहरा 2023!”

    5. “संस्कृति के महत्वपूर्ण पर्वों में से एक - दशहरा! हमें सत्य का पालन करना चाहिए, बुराई से लड़ना चाहिए, और समस्त मनुष्यता के प्रति प्रेम करना चाहिए। हैप्पी दशहरा 2023!”

    6. “समस्त मनुष्यता को प्रेम, समझौता, समरसता, सम्मान, समृद्धि, सुख, समृद्धि, प्रकृति के प्रति प्रेम, और संस्कृति के प्रति प्रेम - हमेशा! हैप्पी दशहरा 2023!”

    7. “संस्कृति के महत्वपूर्ण पर्वों में से एक - दशहरा! हमें सत्य का पालन करना चाहिए, बुराई से लड़ना चाहिए, और समस्त मनुष्यता के प्रति प्रेम करना चाहिए। हैप्पी दशहरा 2023!”


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