Fri , Mar 13 2026
धंधे में पार्टनर नहीं,
सिर्फ प्यादे बनाने सीखो!
सुनो,सुनो।
एक सेठ ने अपने दो मुनीमों को आपस में लड़ा
दिया ताकि कोई उसे धोखा न दे सके। यहॉ काम
आती है 'divide and Conquer' साइकोलॉजी-धंधे
में कभी भी किसी एक इंसान को इतना पावरफुल
मत बनाओ कि वो आपकी गद्दी हिला दे। जब
लोग एक-दूसरे को नीचा दिखाने में लगे होते हैं,
तब कंट्रोल हमेशा आपके हाथ में रहता है। अपनी
निर्भरता (Dependency) लोगों पर खत्म करो और
उन्हें अपनी जरूरतों का गुलाम बनाओ। तभी तो
कहते हैं- "एक म्यान में दो तलवारें नहीं रहती।"
धंधा खैरात नहीं है, ये एक जंग है जहाँ सिर्फ चालाक
खिलाड़ी ही आखिरी तक टिकता है।
Reason:
अगर आप 'इमोशनल' होकर धंधा करेंगे, तो
लोग आपकी अच्छाई का फायदा उठाकर
आपको बाज़ार से बाहर कर देंगे।
क्या आप धंधे के असली खिलाड़ी बनना
चाहते हैं? तो Follow करलो।
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