जैसा सोचोगे, वैसे ही बनोगे । As you think, so you become !
तुम जैसा सोचते हो
वैसी ही दिशा में चलने लगते हो।
बार-बार खुद को कमजोर कहोगे,
तो हिम्मत भी साथ छोड़ देगी।
लेकिन अगर रोज़ खुद से कहो
"मैं सीख सकता हुँ , मैं कर सकता हुँ "
तो ।दिमाग उसी रास्ते पर काम करता है।
सोच ही आदत बनती है,
और आदत ही तुम्हारी पहचान।
नज़र बदले तो नज़ारा भी बदलता है।
हर दिन अपने विचारों को संभालो।
यही तम्हारी असली ताकत है।
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